₹50 के यूट्यूब लाइक्स के लालच में लोग कैसे गंवा बैठते हैं ₹20 लाख की जीवन भर की जमा पूंजी
शुरुआत में ₹150 का मुनाफा देकर भरोसा जीतना और फिर वीआईपी क्रिप्टो टास्क के नाम पर जीवन भर की जमा पूंजी लूटने वाले अंतरराष्ट्रीय टेलीग्राम सिंडिकेट का पर्दाफाश।

वर्क-फ्रॉम-होम और आसान कमाई का झांसा देकर पढ़े-लिखे युवाओं और प्रोफेशनल्स को कंगाल बनाने वाला 'टेलीग्राम पार्ट-टाइम जॉब घोटाला' देश का सबसे बड़ा रिटेल साइबर फ्रॉड बन चुका है। यूट्यूब वीडियो लाइक करने के साधारण काम से शुरू होने वाला यह खेल लाखों रुपये के क्रिप्टो नुकसान पर खत्म होता है।
मनोवैज्ञानिक फंसाव के तीन चरण
चरण 1 (विश्वास जीतना): पीड़ित को व्हाट्सएप पर मैसेज आता है कि उसे यूट्यूब वीडियो लाइक करने पर प्रति लाइक ₹50 मिलेंगे। जब पीड़ित 3 वीडियो लाइक करता है, तो उसे तुरंत उसके बैंक खाते में ₹150 ट्रांसफर कर दिए जाते हैं।
चरण 2 (टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ना): इसके बाद पीड़ित को एक टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ा जाता है, जहां पहले से मौजूद 20-30 फर्जी मेंबर्स लाखों रुपये के मुनाफे के स्क्रीनशॉट साझा कर रहे होते हैं।
चरण 3 (वीआईपी प्रीपेड टास्क): अब पीड़ित को 'क्रिप्टो ट्रेडिंग टास्क' दिया जाता है। ₹5,000 निवेश करने पर स्क्रीन पर ₹7,500 दिखता है। लेकिन जब पीड़ित पैसे निकालने की कोशिश करता है, तो कहा जाता है कि विथड्रॉल के लिए टैक्स और पेनल्टी भरनी होगी। इस जाल में फंसकर लोग अपनी जीवन भर की पूंजी गँवा बैठते हैं।
ठगी से बचने का सीधा मंत्र
दुनिया में कोई भी वैध कंपनी वीडियो लाइक करने या होटल रिव्यू करने के लिए पैसे नहीं देती। घर बैठे बिना कौशल के आसान कमाई का हर ऑफर 100% साइबर फ्रॉड है। ऐसे झांसों में बिल्कुल न आएं।

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